वास्तु दोष के कारण घर में रहने वालों का स्वास्थ्य और करियर प्रभावित होता है। इस पूजा में 'वास्तु पुरुष' और दसों दिशाओं के स्वामियों का पूजन किया जाता है। वैदिक शांति पाठ और यंत्र स्थापना के माध्यम से बिना किसी भौतिक तोड़-फोड़ के घर की दिशाओं के दोष को संतुलित किया जाता है, जिससे वहां रहने वालों को सुख और समृद्धि मिलती है।